किसान संगठनों का दावा है कि सरकार ने उनकी पांच मांगें मानने काआश्वसान दिया है।
किसान संगठनों के 11 प्रतिनिधियों ने कृषि मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात की। सहारनपुर से पैदल पहुंचे किसान और मजदूर दिल्ली के करीब एनएच 24 पर धरने पर जमे थे। अपनी मांगों को लेकर राजधानी पहुंचने की कोशिश में लगे किसानों को गाजियाबाद स्थित यूपी गेट पर रोक दिया गया था। भारतीय किसान संगठन की अगुवाई में हो रही किसान मजदूर अधिकार यात्रा में कई किसान संगठन भी शामिल थे।
यूपी के सहारनपुर से किसान अपनी मांगों को लेकर बीते 11 सितंबर को यात्रा शुरू करते हुए शुक्रवार को नोएडा पहुंची थी।
मुजफ्फरनगर के ठाकुर पूरन सिंह यात्रा के संयोजक थे।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के संयोजक सरदार वीएम सिंह भी इस यात्रा में शामिल हुए।
*किसानों की प्रमुख मांगें..*..
1. भारत के सभी किसानों के कर्जे पूरी तरह माफ हों।
2. किसानों को सिंचाई के लिए बिजली मुफ्त मिले।
3. किसान व मजदूरों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य मुफ्त।
4. किसान-मजदूरों को 60 वर्ष की आयु के बाद 5,000 रुपये महीना पेंशन मिले।
5. फसलों के दाम किसान प्रतिनिधियों की मौजूदगी में तय किए जाएं।
6. खेती कर रहे किसानों की दुर्घटना में मृत्यु होने पर शहीद का दर्जा दिया जाए।
7. किसान के साथ-साथ परिवार को दुर्घटना बीमा योजना का लाभ मिले।
8. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट और एम्स की स्थापना हो।
9. आवारा गोवंश पर प्रति गोवंश गोपालक को 300 रुपये प्रतिदिन मिलें।
10. किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान ब्याज समेत जल्द किया जाए।
11. समस्त दूषित नदियों को प्रदूषण मुक्त कराया जाए।
12. भारत में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू हो।
13.घरेलू बिजली बिल पूर्व की भांति 100 रुपए प्रति माह किया जाए।
14. पुरकाजी में स्थित सूली वाला बाग शहीद स्थल घोषित हो।
15. भारत के सभी सदनों के सदस्यों की पेंशन बंद हो