मास्टर विजय सिंह पर दर्ज किया गया मुकदमा हुआ एक्सपंज
मुजफ्फरनगर। उल्लेखनीय है कि जहां 23 साल से सरकार की 35 सौ बीघा जमीन भू माफियाओं से कब्जा मुक्त कराने की मांग को लेकर धरने पर बैठे मास्टर विजय सिंह को जिलाधिकारी के आदेश के बाद कचहरी परिसर से जबरन उठा दिया गया था।
वहीं उसके साथ ही उन पर कचहरी प्रांगण में अपने अंडरवेयर आदि टांगने का महिलाओं की लज्जा भंग करने का एक मुकदमा भी थाना सिविल लाइन में दर्ज कराया गया था।
जिस पर लोगों में काफी आक्रोश था।
कई संगठनों ने मास्टर विजय सिंह को अपना समर्थन दिया था और कहा था अगर उनके ऊपर कोई कार्रवाई हुई तो उग्र आंदोलन होगा।
आखिरकार थाना सिविल लाइन में दर्ज मुकदमे में पुलिस ने एफआर लगाकर मुकदमा एक्सपंज करा दिया।
वहीं यह भी उल्लेखनीय है कि एक अन्य व्यक्ति द्वारा यह घोषणा की गई थी के "कचहरी प्रांगण में जो कच्छे आदि तार पर टँगे थे वे उसके थे ना कि मास्टर विजय सिंह के," जिसके बाद प्रशासन बैकफुट पर था।
सनद रहे मास्टर विजय सिंह को जबरन धरने से उठाने की प्रक्रिया पर केंद्रीय पशुपालन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान और उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल भी खासे नाराज थे।