#योगिराज में नही चलेगा #कब्ज़ा, तोड़ा मदरसे का अवैध निर्माण

#योगिराज में नही चलेगा #कब्ज़ा


#मौलानाओं की जिद से 2 साल के अंदर दो #मदरसे/मस्जिद पर चले सरकारी बुलडोजर।


 जी हां भले ही आज देश, सुप्रीम कोर्ट में चल रहे #मंदिर_मस्जिद के एक बड़े विवाद पर निगाहें गड़ाए हुए हो..
परंतु #मुजफ्फरनगर में कुछ मौलानाओं की  जिद के चलते दो मदरसे/मस्जिद पर सरकारी #बुलडोजर चल चुका है।


और अंततः बुलडोजर चलते देख उन मदरसों/ मस्ज़िद से जुड़े मौलानाओं को ये निर्माण ढहाने की सहमति देनी पड़ी।


वर्ष 2018 में फरवरी माह में संधावली फाटक पर फ्लाईओवर की राह का अड़चन बने हुए मदरसे/मस्जिद में वहां के संचालकों-मौलानाओं द्वारा सरकार से ₹3600000 अपने खाते में आरटीजीएस करा लेने के बाद भी उस मस्जिद/मदरसे को जब नहीं हटाया तो #मंसूरपुर थाने के तत्कालीन #थानाध्यक्ष #केपीएस_चाहल ने उस मदरसे पर बुलडोजर चलवा कर उसे ढा दिया था।
उस कार्रवाई को डॉक्टर #संजीव_बालियान ने भी देखा था।


 अब यही हालात एक बार फिर #जानसठ कस्बे में भी देखने को मिले।


 यहां एक डेढ़ सौ मीटर लंबे नाले पर अवैध रूप से 27 मीटर चौड़ाई तक अतिक्रमण कर बनाए गए मदरसे को हटाने के लिए जहां पहले मौलानाओं द्वारा सहमति दी गई फिर असहमति जता देने के बाद प्रशासन को जबरन उस पर बुलडोजर चलाना पड़ा।


अगर मौलाना दोनों स्थानों पर अपने आप ही अतिक्रमण हटवा लेते तो बुलडोजर को अवैध निर्माण ध्वस्त ना करने पड़ते।


वहीं यह भी उल्लेख करना जरूरी है कि जमीयत उलेमा हिंद से जुड़े मौलाना #मूसा_काजमी समेत कई मौलानाओं ने इन मामले में स्पष्ट कर दिया था कि झगड़े की जगह पर और सरकारी या गैर सरकारी किसी और की जमीन पर बनने वाले मदरसे मस्जिद खुदा कुबूल नहीं करता भले यहां उन पर कब्जा कर लिया जाए परंतु उसके दरबार में जाकर सजा भुगतनी पड़ती है।
मौलाना मूसा काज़मी ने जमा जानसठ के इस मदरसे द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाने के प्रकरण में हुई मध्यस्था में अहम भूमिका भी निभाई


वहीं मोदी और योगी की सरकार में भले ही कोई भाजपा से हो या किसी अन्य पार्टी से हो किसी की दबंगता नहीं चल रही।


विधायक सैंगर जेल में है, स्वामी नित्यानंद गिरफ्तार है, आकाश विजयवर्गीय को जेल जाना पड़ा।
आजम खान पर जेल जाने के बादल मंडरा रहे हैं।
नाहिद हसन  भागे भागे घूम रहे हैं।
भले कोई किसी पार्टी से हो जो दबंगता दिखा रहा है उसका ठिकाना जेल बन रहा है।


ऐसे में मुजफ्फरनगर के कुछ मौलानाओं की जिद ने न केवल उन्हें पिछले पांव पर खड़ा किया बल्कि उनकी किरकिरी कराई।


 दो मदरसों मस्जिदों को सरकारी बुलडोजर द्वारा ध्वस्त करना पड़ा।


 जानसठ की कार्यवाही वहां के पालिका चेयरमैन परविंदर भडाणा द्वारा कराई गई।
नाले पर अवैध कब्ज़ा करने वाले भाजपा के नेता की चक्की भी ध्वस्त की गई।


जानसठ मदरसा अवैध कब्जे पर भाकियू ने भी मध्यस्था कराने का पूरा प्रयास किया और राजू अहलावत लगातार मदरसा कमेटी और मौलानाओं से वार्ता करते रहे।


वहीं राष्ट्रीय लोकदल के अभिषेक चौधरी ने भी दिन रात एक कर इस मामले में आम सहमति बनवाने का पूरा प्रयास किया हालांकि कभी सहमति कभी असहमति के बीच अंततः प्रशासन को ही बुलडोजर चलवाना पड़ा जिसके बाद मौलाना के लोग खुद भी अतिक्रमण हटाते नजर आए।


इस मामले में #एसपी_देहात का रुख भी कड़ा रहा तो जानसठ क्षेत्र के #एसडीएम इंद्रकांत दिवेदी भी अतिक्रमण हटवाने के लिए पूरी ताकत से जुटे रहे तो 
वही मुजफ्फरनगर के #सिटी_मजिस्ट्रेट अतुल कुमार ने भी किसी दबाव को माननीय से स्पष्ट इनकार कर दिया
 जिसके बाद ही यह नाला अब अतिक्रमण मुक्त हो रहा है।