*ट्रक मालिक घाटे में, ट्रांसपोर्टर की पो बाराह*

*ट्रक मालिक घाटे में, ट्रांसपोर्टर की पो बाराह*


पूरे भारत में लोक डाउन में हर कोई इस अदृश्य बीमारी की वजह से अपने घर में बंद है..
 ऐसे में खाद्य सामग्री और जरूरी सामान की आवाजाही के लिए ट्रक सड़कों पर आटा, चावल, गेहूं, गुड, चीनी और पशु चारा लाने और ले जाने का कार्य कर रहे हैं..


 लेकिन इस मुसीबत की घड़ी में भी मुनाफा खोर अभी भी बाज नहीं आ रहे..सभी मिल, फेक्ट्रियो, उद्योगों से जैसे आटा, चीनी, गुड़ और दवाई फैक्टरियां जो इस वक्त चल रही है और जरूरी सामान के लिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे हैं उनके टेंडर बड़े-बड़े ट्रांसपोर्टर ले रखे हैं।


 और इस मुसीबत की घड़ी में जहां ट्रक आदि का भाड़ा ज्यूँ का त्यों है जो आम दिनों मे होता था।


तो वही ट्रांसपोर्टर 4 गुना भाड़ा फैक्ट्री मालिको, प्रबंध तंत्र से सेटिंग कर वसूल रहे हैं ।


मगर ट्रक वालों को वही आम दिनों वाला किराया दे रहे हैं।


उनका कहना होता है कि टोल बन्द है, वह बचत कोरोना का रिस्क चार्ज समझ लो।


इस वक्त ट्रांसपोर्टरों की पौ बाराह है लंबे रूट को जा रही एक गाड़ी पर 20 से ₹50000 तक का लाभ ले रहे हैं।


वहीँ ट्रक मालिक की बात करे तो मार्च में जिस गाड़ी  का टैक्स ऑल इंडिया परमिट या और चीजें जमा करनी थी, दफ्तर बंद होने के कारण जमा नही हो पाई।
 आरटीओ ऑफिस भी बंद रहे।


ऐसे में सरकार द्वारा छूट दे दी गई थी।


सभी ट्रक वालों पर ड्राइवरों की तनख्वाह भी ज्यों की त्यों चढ़  रही है।


एक ट्रक पर स्टाफ की तनखा  लगभग ₹18000 होती है और इस वक्त यह बड़े ट्रांसपोर्टर ट्रक मालिकों का खून चूस रहे हैं। उन्हें बढ़ा भाड़ा नही दे रहे। 


अभी 20 तारीख को आरटीओ ऑफिस खुलने वाले हैं किसी भी ट्रक वाले पर संभवतः अभी इतना पैसा नहीं होगा कि वह 60-70 हज़ार रुपये जमाकर  अपने कागज रिनिवल करा सके।


सरकार ने फिलहाल लोकडाउन खुलने तक ही नही बल्कि 30 जून तक पेपर की छूट दे दी है


टोल टैक्स बंद होने की वजह से ट्रक मालिकों ने उसी भाड़े में गाड़ी भेजनी शुरू कर दी थी लेकिन टोल शुरू होने पर अब उसी भाड़े में ट्रक चलाना दिक्कत भरा होगा।


वहीं ट्रांसपोर्टरों की बिल्टी और फेक्ट्रियो से वसूले गए भाड़े की जांच भी जरूरी है।


*यह करोड़ो रूपये की ट्रांसपोर्टर द्वारा चोरी का मामला भी मिलेगा।*



*बीएस4 वाहन 30 अप्रैल तक ही होंगे रजिस्टर्ड।*
*1मार्च 2020 के बाद जिन भी वाहन के रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, परमिट आदि रिनिवल नही हुए, उन्हें 30 जून तक छूट मिलेगी।*
जो 1 मार्च 2020 से पहले की तारीख के है उन्हें कोई छूट नही, उन पर पेनल्टी लगेगी।


जिस किसी वाहन के कागज रिन्यूअल होने की तारीख 1 मार्च 2020 के बाद की है उन्हें अपने कागज रिन्यूअल कराने के लिए 30 जून तक का समय है।
इस बीच उनके यही कागज मान्य होंगे।
*आरटीओ राजीव बंसल ने बताया है कि किसी भी तरह का ओवरलोड प्रतिबंधित है और ओवरलोड वाहन को तत्काल सीज किया जाएगा*


*साथ ही उन्होंने बताया कि जो बीएस-4 वाहन किसी ने 24 मार्च से पहले खरीदे हैं उन्हें 30 अप्रैल 2020 तक रजिस्टर करा ले अगर उनका रजिस्ट्रेशन 30 अप्रैल तक नहीं कराया गया तो उसके बाद वह वाहन किसी भी कीमत पर रजिस्टर्ड नहीं होंगे*
यह सुप्रीम कोर्ट का आदेश है और इन्हीं वाहनों के रजिस्ट्रेशन हेतु 20 अप्रैल से सभी आरटीओ कार्यालय खुलेंगे